Achar Bhuj Gail ba Nayanva Ke Neer Se Lyrics | आँचर भींज गइल बा लिरिक्स
आँचर भींज गइल बा नयनवा के नीर से लिरिक्स
गरज के बरस जाला ऊ बदरा कइसन
एक झोंका से सरक जाला ऊ अंचरा कइसन
रऊरे किरिए क़हत बानी ए सइयाँ
लोर बहला से ढरक जाला ऊ कजरा कइसन
आँचर भींज गइल बा नयनवा के नीर से
ना जाने कवना पीर से ना
१. सिर पर बूँदा सोहे लाल
ख़िलल बा दोनों तरफ़ के गाल
राह में चलत बाड़ी केतना गंभीर से
ना जाने कवना पीर से ना
२. रूप रचलें विधाता
हमरा देखला से जनाता
वर्णन करीं केतना पैर और सिर के
ना जाने कवना पीर से ना
३. कविता कइलें हनुमान
जेकर पवट बा मकान
ई त फँसल बाड़ी मुरलीधर अहीर से
ना जानें कवना पीर से ना
ना जानें कवना पीर से ना लिरिक्स
आँचर भींज गइल बा नयनवा के नीर से
ना जाने कवना पीर से ना
समाप्त…..

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